वनाग्नि में जल रहे वनरक्षकों के भविष्य का फैसला अब दिग्रस में..! 11 अप्रैल को " वन योद्धा न्याय सभा " का बिगुल ; सांसद संजय देशमुख रहेंगे प्रमुख रूप से उपस्थित. 📍अपने अस्तित्व की लड़ाई के लिए इस सभा में बड़ी संख्या में उपस्थित रहें..!

वनाग्नि में जल रहे वनरक्षकों के भविष्य का फैसला अब दिग्रस में..! 11 अप्रैल को " वन योद्धा न्याय सभा " का बिगुल ; सांसद संजय देशमुख रहेंगे प्रमुख रूप से उपस्थित.


📍अपने अस्तित्व की लड़ाई के लिए इस सभा में बड़ी संख्या में उपस्थित रहें..!


एस.के.24 तास 


​दिग्रस (यवतमाल) : महाराष्ट्र के वन वैभव की रक्षा करते हुए अपना खून-पसीना एक करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों के धैर्य का बांध अब टूट चुका है। वनाग्नि बुझाते समय शहीद हुए वनपाल विजय शिंगणजुडे और सुरक्षा उपकरणों के अभाव में जान गंवाने वाले अस्थायी वन मजदूर मिऱ्या राया गावित के बलिदान को भले ही वन विभाग भूल गया हो,लेकिन 'महाराष्ट्र वन कर्मचारी-अधिकारी दक्षता सेना' इसे नहीं भूली है।


 इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और 12,991+ अस्थायी वनसेवकों के अधिकारों के लिए, क्रांतिसूर्य महात्मा जोतिराव फुले की जयंती के अवसर पर शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को दिग्रस में भव्य 'वन योद्धा न्याय सभा' का आयोजन किया गया है।इस सभा में मुख्य अतिथि के रूप में यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री संजय देशमुख साहब उपस्थित रहेंगे और वन कर्मचारियों की व्यथा सुनेंगे।


अपील : " हम जंगल की रक्षा करते हैं, तो हमारी रक्षा कौन करेगा ? " जब जंगल में आग लगती है, तो अधिकारी एयर-कंडीशन्ड (AC) केबिन में बैठकर आदेश देते हैं, लेकिन हमारा वन मजदूर, वनरक्षक और वनपाल बिना किसी सुरक्षा उपकरण (Safety Kits) के आग की लपटों से खेलता है। पेड़ों की टहनियों से आग बुझाते समय जब कोई कर्मचारी शहीद होता है, तो उसके परिवार के सपने भी उसी आग में खाक हो जाते हैं। यह कैसी व्यवस्था है? यह कैसा न्याय है? प्रशासन की इस लापरवाही को अब बेनकाब करने का समय आ गया है।


​कानूनी और नैतिक लड़ाई : -

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री सचिन डी. गायकवाड़ (भारतीय) ने इस सभा को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट की है:नियमितीकरण हमारा अधिकार:* 1994 और 2012 के शासनादेश (GR) और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार, वन विभाग की सेवा करने वाले 12,991+ कर्मचारियों को सरकारी सेवा में स्थायी करना प्रशासन का कानूनी कर्तव्य है। तकनीकी कारण बताकर इन गरीबों की रोटी रोकना अनैतिक है।


​सुरक्षा किट (Safety Kits) : -  जब तक प्रत्येक क्षेत्रीय कर्मचारी को 'अग्निरोधक वर्दी', 'सेफ्टी बूट' और 'लीफ ब्लोअर' नहीं मिलते, तब तक वन विभाग का कोई भी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में नहीं डालेगा। कर्मचारियों की जान सस्ती नहीं है!


​ सभा का सार्वजनिक आह्वान : - 

यवतमाल जिले और राज्य के क्षेत्रीय,वन्यजीव, सामाजिक वनीकरण और FDCM के सभी स्थायी और अस्थायी कर्मचारी (वर्ग 2 से 4) अपने अस्तित्व की लड़ाई के लिए इस सभा में बड़ी संख्या में उपस्थित रहें।


​सभा का विवरण दिनांक : 11 अप्रैल 2026 (शनिवार)    समय सुबह 9:00 बजे स्थान - दिग्रस,जिला यवतमाल


​प्रचार हेतु सादर अनुरोध सहित,श्री.सचिन डी.गायकवाड़ (भारतीय) संस्थापक अध्यक्ष (12,991+ वनसेवकों के प्रतिनिधि),

महाराष्ट्र वन कर्मचारी-अधिकारी दक्षता सेना, महाराष्ट्र राज्य।

संपर्क: 7058347367

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